रुड़की: शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर बढ़ते जन असंतोष के बीच कांग्रेस ने विद्युत विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। स्मार्ट मीटर, लगातार बिजली कटौती, बार-बार ट्रिपिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। कांग्रेस नेताओं और विभागीय अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय से शहर के उपभोक्ता बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन विभाग शिकायतों के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लगातार हो रही बिजली कटौती, ट्रिपिंग और कम वोल्टेज के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापारी वर्ग को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों के फोन तक उठाना उचित नहीं समझते। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है और यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
धरने के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभालना पड़ा। कई घंटे तक चले धरने और वार्ता के बाद अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
वार्ता के दौरान अधीक्षण अभियंता ने बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा और जल्द आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन और माफी मांगने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।
















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