चमोली: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर स्थित पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़ा के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाना नहीं, बल्कि प्रशासन को स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की सेवा ही सरकार का सबसे बड़ा धर्म है और सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सेवा पखवाड़ा अभियान के पहले चरण में पूरे प्रदेश में छह लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की और 60 हजार से ज्यादा शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि चमोली जिले में अब तक 13 जनकल्याण शिविर लगाए जा चुके हैं, जिनमें 2,500 से अधिक लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। वहीं कुल 752 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 683 का तत्काल निस्तारण कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांत गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” का संकल्प आज धरातल पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने राज्य में जी-20 बैठकों के सफल आयोजन, राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, शीतकालीन यात्रा की शुरुआत और पर्यटन क्षेत्र में हुए विस्तार को राज्य की बड़ी उपलब्धियां बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य में 3.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए हैं, जिनमें एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि जीएसटी संग्रह, प्रति व्यक्ति आय, स्टार्टअप और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। साथ ही राज्य में रिवर्स पलायन की सकारात्मक तस्वीर सामने आई है, जहां युवा अपने गांव लौटकर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं।
चमोली जिले के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में जिले में हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। बदरीनाथ धाम, माणा और नीति क्षेत्र में मास्टर प्लान के तहत तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। इस अवसर पर 155 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 63 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया गया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना भविष्य में पर्यटन, व्यापार और रोजगार को नई गति देगी। वहीं हेली एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से वर्ष 2024 से अब तक चमोली के 76 गंभीर मरीजों को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि चमोली में 42 हजार से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और 25 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। किसान सम्मान निधि के तहत 48 हजार से अधिक किसानों को 196 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं दीनदयाल होमस्टे योजना के अंतर्गत जिले में 872 नए होमस्टे स्थापित किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बद्रीनाथ मंदिर चोरी प्रकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और सरकार इस पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आम जनता से सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित शिविरों में अधिक से अधिक भागीदारी कर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील भी की।














Leave a Reply