अपर सचिव लक्ष्मण सिंह ने बाराकोट ब्लॉक में विकास योजनाओं की समीक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर दिया जोर

उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार अपर सचिव लक्ष्मण सिंह ने विकासखंड बाराकोट मुख्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति का जायजा लिया और संतोष व्यक्त किया।

अपर सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके।

बैठक के दौरान खंड विकास अधिकारी अवनीश कुमार उपाध्याय ने विकासखंड में संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें कृषि, उद्यान, ग्रामीण विकास, पेयजल, शिक्षा, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण और मनरेगा जैसी योजनाओं की प्रगति शामिल रही।

ग्राम नौमाना का स्थलीय निरीक्षण और योजनाओं का भौतिक सत्यापन

बैठक के बाद अपर सचिव ने ग्राम नौमाना का स्थलीय निरीक्षण किया और विभिन्न विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने डेयरी इकाई, पंचायत पुस्तकालय, प्राथमिक विद्यालय, एएनएम केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, पेयजल टैंक और मनरेगा परिसंपत्तियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों की सराहना

निरीक्षण स्थल पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे अपर सचिव ने देखा और महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देना जरूरी है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में और अवसर मिलेंगे।

होम स्टे योजना से बढ़ रहा ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार

इससे पूर्व अपर सचिव लक्ष्मण सिंह ने शंखपाल-चोमेल क्षेत्र स्थित एक होम स्टे में रात्रि विश्राम किया। उन्होंने राज्य सरकार की होम स्टे योजना की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं में पर्यटन आधारित स्वरोजगार के प्रति रुचि बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि चम्पावत जनपद का प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

“पात्र लाभार्थी तक पहुंचे योजनाओं का लाभ” – अपर सचिव

बैठक के समापन पर अपर सचिव ने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नियमित मॉनिटरिंग, पारदर्शिता और जनसहभागिता के साथ कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में गुणवत्ता बनी रहे और कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे।

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