आस्था की मिसाल: ऋषिकेश से सात श्रद्धालु पैदल निकले चारधाम यात्रा पर

चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत से पहले ऋषिकेश से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है। सात श्रद्धालुओं का एक दल आज पैदल ही चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ, जिसने आस्था के साथ-साथ सादगी और संकल्प का संदेश भी दिया।

महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने श्रद्धालुओं को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए विदा किया। इस समूह में कर्नाटक और महाराष्ट्र से आए चार पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि सभी श्रद्धालु पहली बार चारधाम की पैदल यात्रा कर रहे हैं।

सिर्फ यात्रा नहीं, एक संदेश भी

श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है। वे रास्ते में लोगों को गंगा की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और तीर्थ स्थलों की पवित्रता बनाए रखने का संदेश देंगे।

इसके साथ ही, वे यह भी बताने की कोशिश करेंगे कि पैदल यात्रा न केवल शरीर को मजबूत बनाती है, बल्कि मन को भी आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करती है।

पहले भी कर चुके हैं कठिन यात्रा

इस दल के सभी सदस्य पहले नर्मदा परिक्रमा जैसी कठिन धार्मिक यात्रा पूरी कर चुके हैं, जिससे उनकी तैयारी और अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी

श्रद्धालुओं के अनुसार, एक सदस्य का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जबकि अन्य सदस्य यात्रा के दौरान ही अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करेंगे। प्रशासन द्वारा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 17 अप्रैल से शुरू किए जा रहे हैं।

आधुनिक साधनों के बीच परंपरा की झलक

महामंडलेश्वर ईश्वर दास महाराज ने कहा कि आज के दौर में जहां लोग हेलीकॉप्टर, हवाई जहाज और निजी वाहनों से यात्रा करना पसंद करते हैं, वहीं पैदल यात्रा एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं व्यक्ति को प्रकृति के करीब लाती हैं और आस्था को और गहराई देती हैं।

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