रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण के साथ ज्ञान के प्रसार को जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। जिले में ‘एक पुस्तक दान करें, ज्ञान का वृक्ष लगाएं’ अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने स्वयं एक पुस्तक दान कर किया और जनपदवासियों से इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी करने की अपील की।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि जिस तरह हरेला पर्व पर पौधारोपण कर प्रकृति को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया जाता है, उसी तरह पुस्तक दान के माध्यम से समाज में ज्ञान का प्रसार भी किया जा सकता है। उनका कहना था कि एक अच्छी पुस्तक किसी व्यक्ति के जीवन को नई दिशा दे सकती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपनी पसंद की कम से कम एक उपयोगी पुस्तक दान करे, तो रुद्रप्रयाग में ज्ञान का एक समृद्ध भंडार तैयार किया जा सकता है। इससे विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और आम नागरिकों को लंबे समय तक लाभ मिलेगा। उन्होंने पुस्तकों को ज्ञान, संस्कार और अनुभव की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनका महत्व समय के साथ कभी कम नहीं होता।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल पुस्तक संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने, ज्ञान साझा करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा दान की गई एक प्रेरणादायी पुस्तक किसी जरूरतमंद छात्र के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रशासन का लक्ष्य इस पहल को जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन का रूप देना है, ताकि पूरे जनपद में शिक्षा, ज्ञान और पढ़ने की संस्कृति को नई ऊर्जा मिल सके।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, जिला पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली, जिला समाज कल्याण अधिकारी टी.आर. मलेठा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
















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