Srinagar में प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री Dhan Singh Rawat ने शिक्षा और तकनीक से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। इस दौरान राजकीय इंटर कॉलेज श्रीनगर में आधुनिक “स्विफ्ट स्कूल” के तहत पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग लैब और अटल टिंकरिंग लैब की शुरुआत की गई।
लैब में जैसे ही छात्र-छात्राओं ने टैबलेट पर उंगलियां फेरीं, उनके चेहरे उत्साह और खुशी से खिल उठे। डिजिटल शिक्षा की इस नई पहल को छात्रों और अभिभावकों ने बेहद सकारात्मक कदम बताया।
डिजिटल शिक्षा से जुड़ेंगे छात्र
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि कान्वे जीनियस फाउंडेशन के सहयोग से प्रदेशभर के विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट और स्विफ्ट स्कूलों में बदला जा रहा है।
टैबलेट पर मिलेगा ई-लर्निंग कंटेंट
पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग प्रोग्राम के तहत छात्रों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया ई-लर्निंग कंटेंट मौजूद रहेगा। प्रत्येक छात्र के लिए अलग आईडी बनाई गई है, जिसके जरिए वे लॉगिन कर विभिन्न विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे।
इस तकनीक के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई का निरंतर आकलन भी किया जाएगा। हर अध्याय के बाद छात्रों को क्विज दिए जाएंगे और निर्धारित अंक प्राप्त करने पर ही वे अगले स्तर की पढ़ाई कर पाएंगे। कम अंक आने पर छात्रों को उनकी कमजोरी के अनुसार दोबारा अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
अटल टिंकरिंग लैब से बढ़ेगी वैज्ञानिक सोच
डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि इन लैब्स के माध्यम से छात्र-छात्राओं को विज्ञान, तकनीक, रोबोटिक्स और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और प्रयोगात्मक सीखने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता का विकास होगा।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य Saroj Singh Mehra, एसएमसी अध्यक्ष कुशला नाथ, कान्वे जीनियस फाउंडेशन के स्टेट हेड शलभ गुप्ता, पार्षद दिनेश पटवाल, अंजना डोभाल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे।














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