रामनगर और आसपास के इलाकों में प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेशनरी दुकानों और एक निजी स्कूल पर औचक छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से उन दुकानदारों और स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया, जो अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम और खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। टीम ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 दुकानों की जांच की। जांच में यह सामने आया कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे थे, जो नियमों के खिलाफ है।
अभिभावकों ने जताई नाराजगी
छापेमारी के दौरान कई अभिभावकों ने अधिकारियों को बताया कि स्कूल प्रबंधन उन्हें चुनिंदा दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए दबाव बना रहा है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ किया कि यह पूरी तरह अवैध है।
निजी स्कूल की जांच
टीम ने पीरुमदारा क्षेत्र के ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल में भी जांच की। शिकायत थी कि स्कूल द्वारा एनसीईआरटी की किताबें बाहर से लेने को कहा जाता है, लेकिन अन्य किताबें स्कूल से ही खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। अधिकारियों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताया।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
एसडीएम ने कहा कि कोई भी स्कूल अभिभावकों पर किसी खास दुकान से किताब खरीदने का दबाव नहीं बना सकता। साथ ही, यदि कोई स्कूल निर्धारित फीस से अधिक शुल्क वसूलता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत करने की अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में आगे आकर शिकायत करें। उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
रिपोर्ट भेजी जाएगी उच्च अधिकारियों को
इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। साथ ही संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
















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