मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड में गुरुवार को राज्यस्तरीय आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस प्रदेशव्यापी अभ्यास में SDRF उत्तराखंड पुलिस की 37 टीमों ने सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में सक्रिय रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वित राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल के तहत भूस्खलन, बादल फटना, सड़क दुर्घटना, बाढ़ और मार्ग अवरुद्ध होने जैसी काल्पनिक आपदा परिस्थितियां तैयार की गईं। इन घटनाओं के माध्यम से त्वरित प्रतिक्रिया, खोज एवं बचाव अभियान, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, संचार व्यवस्था बनाए रखने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की क्षमता का व्यावहारिक परीक्षण किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाना था।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों का हर समय तैयार रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल न केवल संसाधनों और व्यवस्थाओं की समीक्षा का अवसर देती है, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
SDRF उत्तराखंड पुलिस ने प्रदेशभर में आयोजित इस संयुक्त अभ्यास के दौरान उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता और समर्पण का परिचय दिया। सभी टीमों ने अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों का सफल अभ्यास किया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नियमित अभ्यास मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।
















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