रुड़की के धनौरी क्षेत्र में पुरानी गंगनहर के किनारे जहरीली घास चरने से दो मवेशियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है और ग्रामीण प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच तथा मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, धनौरी क्षेत्र के पशुपालक रोजाना की तरह अपने मवेशियों को पुरानी गंगनहर के किनारे चराने ले गए थे। चराई के दौरान मवेशियों ने वहां उगी घास खाई, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। कई पशु घबराकर इधर-उधर दौड़ने लगे, जबकि कुछ जमीन पर गिरकर तड़पने लगे।
घटना की सूचना मिलते ही पशुपालकों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पशु चिकित्सा विभाग को जानकारी दी। हालांकि चिकित्सकों के मौके पर पहुंचने से पहले ही दो मवेशियों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद पशु चिकित्सकों ने बीमार पशुओं का उपचार शुरू किया।
पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, कई मवेशियों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। डॉक्टर यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घास में कौन-सा जहरीला तत्व मौजूद था, जिससे यह हादसा हुआ।
इस घटना से पशुपालकों को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन पशुपालकों के मवेशियों की मौत हुई है या जो प्रभावित हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए ताकि उनके नुकसान की भरपाई हो सके।
फिलहाल प्रशासन और पशुपालन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं। वहीं, ग्रामीणों से अपील की गई है कि जांच पूरी होने तक मवेशियों को संबंधित क्षेत्र में चराने से बचें।
















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