चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल, ‘प्लास्टिक से पुण्य’ अभियान की शुरुआत

देहरादून में चारधाम यात्रा को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ‘प्लास्टिक से पुण्य’ अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य फोकस देवभूमि उत्तराखंड को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त कर एक आदर्श धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है।

अभियान की प्रमुख प्रेरक डॉ. आरूषि निशंक ने इस अवसर पर कहा कि बढ़ते पर्यटक दबाव के कारण चारधाम यात्रा मार्गों पर प्लास्टिक कचरा एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में इस अभियान का उद्देश्य केवल सफाई नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि यह पहल श्रद्धालुओं को यह संदेश देती है कि चारधाम यात्रा केवल आस्था का नहीं, बल्कि सेवा और पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम बने।

अभियान के तहत चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष ‘प्लास्टिक कलेक्शन बूथ’ लगाए जाएंगे, जहां श्रद्धालु प्लास्टिक कचरा जमा कर सकेंगे। इसके बदले उन्हें ‘पुण्य पॉइंट्स’ दिए जाएंगे, जिन्हें डिजिटल माध्यम से ट्रैक किया जाएगा। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे लोगों की भागीदारी और अधिक प्रोत्साहित होगी।

एकत्रित प्लास्टिक को वैज्ञानिक तरीके से रिसाइकिल कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए जाएंगे। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

डॉ. आरूषि निशंक ने कहा कि यह केवल एक पर्यावरणीय अभियान नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है जो स्वच्छ भारत मिशन की भावना को धार्मिक आस्था से जोड़ता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल चारधाम यात्रा को स्वच्छता के वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को देखते हुए इस अभियान को एक महत्वपूर्ण और समयोचित कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में बड़ा बदलाव ला सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *