देहरादून: नीट पेपर लीक मामले को लेकर लंबे समय से देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वहीं विपक्ष लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठा रहा था।
इसी बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस ने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और लोकतांत्रिक आवाज की जीत बताया है।
उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि देश के लाखों छात्र-छात्राओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और न्याय की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई। उनका कहना है कि यह घटनाक्रम युवाओं की एकजुटता और संघर्ष का परिणाम है।
वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत और संघर्ष आखिरकार सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
नीट पेपर लीक विवाद ने देशभर में शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में अब सभी की नजर सरकार की अगली कार्रवाई और जांच की दिशा पर टिकी हुई है।














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