हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ का राष्ट्रीय समापन समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि “विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए नशामुक्त, स्वस्थ और संस्कारित समाज का निर्माण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
17 जून से 26 जून 2026 तक देशभर में चले ‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के दौरान 1.31 करोड़ से अधिक लोगों ने विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों और जनभागीदारी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इस वर्ष अभियान की थीम “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” रही।
हरिद्वार में निकली 4,000 लोगों की नशा मुक्त रैली
समापन समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में निकाली गई विशाल ‘नशा मुक्त रैली’ रही। इस रैली में लगभग 4,000 नागरिकों, युवाओं और स्वयंसेवकों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित लोगों को ‘नशा मुक्ति की शपथ’ और ‘गरिमापूर्ण वृद्धावस्था की शपथ’ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज, परिवार, शिक्षण संस्थानों और युवाओं की सहभागिता से चलने वाला जनआंदोलन है।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में जुटे कई गणमान्य
कार्यक्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति (प्रो-वाइस चांसलर) डॉ. चिन्मय पंड्या, उत्तराखंड सरकार के प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग मौजूद रहे। देशभर से छात्र, युवा, स्वयंसेवक और नशामुक्ति केंद्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से कार्यक्रम में भागीदारी की।
सामाजिक न्याय मंत्रालय और गायत्री परिवार के बीच हुआ एमओयू
समारोह के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग और अखिल विश्व गायत्री परिवार के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
यह साझेदारी नशा मुक्त भारत अभियान और अटल वयो अभ्युदय योजना के तहत जागरूकता बढ़ाने, नशीली दवाओं की मांग में कमी लाने, सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए मिलकर कार्य करेगी।
10 दिनों तक चला जनजागरूकता अभियान
‘नशा मुक्त भारत सप्ताह’ के दौरान पूरे देश में अनेक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शामिल रहे—
- नशा मुक्ति मित्र पंजीकरण अभियान
- नुक्कड़ नाटक
- युवा सेमिनार
- नारा लेखन प्रतियोगिता
- ई-शपथ अभियान
- पेंटिंग प्रतियोगिताएं
- सामुदायिक योग सत्र
- नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले जागरूकता कार्यक्रम
इन सभी गतिविधियों में 1.31 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लेकर अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।
उत्कृष्ट योगदान देने वालों को किया गया सम्मानित
समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिलों, सहायता प्राप्त संस्थानों और विभिन्न मंत्रालयों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा जमीनी स्तर पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले ‘नशा मुक्ति मित्रों’ और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।
“नशा मुक्त भारत” अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान
कार्यक्रम के अंत में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्थानीय निकायों, सामाजिक संगठनों और युवाओं से अपील की कि वे इस जनआंदोलन को लगातार आगे बढ़ाएं। विभाग ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही “नशा मुक्त भारत, खुशहाल भारत” के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
















Leave a Reply