चमोली: हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान उपयोग में लाए जाने वाले अश्व वंशीय पशुओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित हितधारक शामिल हुए।
कार्यशाला में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि यात्रा मार्ग पर तैनात घोड़े-खच्चरों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि पशु क्रूरता निवारण से जुड़े कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों और गढ़वाल आयुक्त के मार्गदर्शन में प्रशासन द्वारा एक व्यापक योजना लागू की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य यात्रा के दौरान पशुओं के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देना है।
प्रशासन की प्रमुख तैयारियां:
- यात्रा मार्ग पर पशुओं के लिए बेहतर शेल्टर और विश्राम स्थल
- नियमित हेल्थ चेकअप और मेडिकल सपोर्ट
- पर्याप्त पानी और चारे की उपलब्धता
- निगरानी तंत्र को मजबूत कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना
कार्यशाला के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और पशु संचालकों को जागरूक किया गया, ताकि वे निर्धारित मानकों का पालन करें और पशुओं के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाएं।
हेमकुंड साहिब यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, ऐसे में इन पशुओं की भूमिका बेहद अहम होती है। जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल पशुओं की सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि यात्रा को भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाएगा।











Leave a Reply