पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले का भाजपा ने किया स्वागत, बोली- युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं

पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का भारतीय जनता पार्टी ने जोरदार स्वागत किया है। देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना है, जबकि विपक्ष इन मुद्दों का राजनीतिकरण करने में लगा है।

खजान दास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों में अब दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, जिससे मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो सकेगा और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि नीट पेपर लीक समेत सार्वजनिक परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अब सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून में पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग जैसे अपराधों के लिए कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

भाजपा नेता ने दावा किया कि विशेष अदालतों में नीट पेपर लीक जैसे मामलों की रोजाना सुनवाई होगी, जिससे जांच और ट्रायल में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, बल्कि सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी मजबूत होगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीबीआई अपनी जांच लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान खजान दास ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो और स्थायी समाधान निकाला जाए, जबकि विपक्ष चर्चा से बच रहा है।

प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने नकल और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में देश के सबसे कठोर नकल विरोधी कानून के तहत नकल माफिया पर प्रभावी कार्रवाई हुई है और बड़ी संख्या में आरोपियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के कारण राज्य में 40 हजार से अधिक सरकारी नियुक्तियां बिना किसी बड़े विवाद के पूरी हुई हैं।

दीप्ति रावत ने हाल ही में सामने आए उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) के पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि सूचना मिलते ही आरोपी शिक्षक को सेवा से हटा दिया गया है और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि भले ही यह एक कॉलेज की आंतरिक परीक्षा का मामला हो, लेकिन सरकार इसे गंभीरता से लेते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

भाजपा नेताओं ने दोहराया कि सरकार युवाओं के भविष्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए भविष्य में भी कठोर कानूनी और प्रशासनिक कदम जारी रहेंगे।

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