रुद्रप्रयाग: मानसून के दौरान संभावित भूस्खलन और सड़क अवरोध की चुनौतियों से निपटने के लिए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर जिले के संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में मशीनरी, मानव बल और त्वरित राहत व्यवस्था पहले से तैनात कर दी गई है, ताकि आम लोगों, तीर्थयात्रियों और आपदा राहत कार्यों में किसी तरह की बाधा न आए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने बताया कि जिले के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 17 जेसीबी मशीनें पहले से तैनात कर दी गई हैं। इनका उद्देश्य भूस्खलन, मलबा आने या पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत सड़कों को खोलना और यातायात को सामान्य बनाए रखना है।
इन क्षेत्रों में तैनात की गई हैं जेसीबी मशीनें
लोक निर्माण विभाग के अनुसार जेसीबी मशीनें रुद्रप्रयाग मुख्यालय, स्यालसू, खांकरा, गोर्ती, तैला बैण्ड, छेनागाड़, घेंघड़खाल, रैंतोली, रणधार, काण्डई, चोपता, जैली, रतनपुर बैण्ड, चोपड़ा, बेडूबगड़, नगरासू और जवाड़ी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
10 से 30 मिनट के भीतर शुरू होगी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने बताया कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी सड़क पर भूस्खलन, मलबा आने या पेड़ गिरने की घटना होती है तो संबंधित टीम 10 से 30 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू करेगी। इससे बंद मार्गों को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोला जा सकेगा।
हर सड़क पर रखी जा रही है नजर
लोक निर्माण विभाग प्रतिदिन जिले के सभी सड़क मार्गों की निगरानी कर रहा है। सड़कों के खुलने और बंद होने की जानकारी नियमित रूप से जिला आपदा कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है। साथ ही इन सूचनाओं को ऑनलाइन पोर्टल पर भी अपडेट किया जा रहा है, ताकि प्रशासन और आम लोगों को समय पर सही जानकारी मिल सके।
बारिश के दौरान तुरंत पहुंची विभागीय टीमें
विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों की बारिश के दौरान कई स्थानों पर पेड़ सड़कों पर गिर गए थे। सूचना मिलते ही विभागीय टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मार्गों को कम समय में सुचारू कराया। अधिशासी अभियंता संजीव कुमार सैनी ने भी स्वयं घटनास्थलों का निरीक्षण कर राहत कार्यों की निगरानी की।
37 अतिरिक्त कर्मी भी लगाए गए
मानसून के दौरान जलभराव और मलबा जमा होने की समस्या को कम करने के लिए विभाग ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से 37 अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है। ये कर्मचारी सड़कों की नालियों की सफाई, खरपतवार हटाने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने का काम लगातार कर रहे हैं।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
जिला प्रशासन ने कहा है कि मानसून अवधि के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मशीनरी, मानव बल और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
















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