धामी के जन-संवाद शिविर में 4,632 लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गोपेश्वर के पुलिस मैदान में आयोजित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ सेवा पखवाड़े के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ जन-संवाद शिविर में आमजन की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कराया। शिविर के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता सामग्री, स्वीकृति पत्र और वित्तीय सहायता भी वितरित की गई।

शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली। कुल 7,472 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। विभिन्न विभागों को प्राप्त 1,737 आवेदनों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि 203 शिकायतों में से 172 शिकायतों का तत्काल समाधान किया गया। इसके अलावा 4,632 लाभार्थियों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कई लोगों की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान भी हुआ। विकासखंड नंदानगर के ग्राम खलतरा की सरिता देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि क्षेत्र में झंगोरे का उत्पादन तो अच्छा होता है, लेकिन प्रोसेसिंग मशीन नहीं होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। मुख्यमंत्री ने तत्काल कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए और शिविर स्थल पर ही सरिता देवी को झंगोरा मड़ाई एवं प्रोसेसिंग मशीन उपलब्ध कराई।

इसी तरह विकासखंड दशोली के रौली ग्वाड़ निवासी नीरज भट्ट ने लिलियम फूलों की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को एक महीने के भीतर बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं ज्योतिर्मठ के बड़ागांव निवासी गुलशन सिंह राणा की पोल्ट्री हट की मांग को राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत स्वीकृति देने के निर्देश भी मौके पर ही जारी किए गए।

जन-संवाद के दौरान कई अन्य मामलों में भी तत्काल कार्रवाई हुई। दशोली के कौजपोथनी निवासी जयदीप सिंह की ठेकेदारी पंजीकरण से जुड़ी लंबित शिकायत पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उसी दिन प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं पोखरी के नौली गांव के देवेन्द्र सिंह को एप्पल मिशन के तहत सेब के पौधे और एंटी-हेल नेट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के जरिए सरकार खुद जनता के बीच पहुंच रही है, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।

कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की ओर से लाभार्थियों को सहायता सामग्री और वित्तीय सहायता भी वितरित की गई। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की, जबकि समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति पुत्री विवाह अनुदान वितरित किया। कृषि, उद्यान, सहकारिता और पशुपालन विभागों के माध्यम से किसानों और स्वयं सहायता समूहों को कृषि उपकरण, मशीनें, पॉलीहाउस, मशरूम उत्पादन, कीवी मिशन और स्वरोजगार योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता भी दी गई। कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली दो किसान उत्पादक कंपनियों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया।

हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “हर गाँव का यही पैगाम: एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और अधिक से अधिक पौधरोपण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित उत्तराखंड का निर्माण किया जा सकता है।

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