कोटद्वार: स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद लैंसडाउन से भाजपा विधायक दलीप रावत ने अपने रुख में बदलाव करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। कोटद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था और यदि उनके बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं।
दलीप रावत ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में केवल वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के क्रांतिकारी व्यक्तित्व और देश की आजादी के लिए उनके संघर्ष का उल्लेख किया था। उनका आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को संदर्भ से हटाकर और तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हुआ।
भाजपा विधायक ने स्पष्ट किया कि उनके मन में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के प्रति पूरा सम्मान है और उनके योगदान को कोई कम नहीं आंक सकता। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से किसी व्यक्ति या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं और सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान दलीप रावत ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अतीत में कांग्रेस की एक सभा के दौरान वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट की गई थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। विधायक ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं का उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ा और बाद में उनका निधन हो गया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई स्वतंत्र प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली का सम्मान करती है, तो उसे भी इस कथित घटना को लेकर अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही दलीप रावत ने कांग्रेस की “परिवर्तन संकल्प यात्रा” पर भी तंज कसते हुए कहा कि यह यात्रा पार्टी के लिए कितनी प्रभावी होगी, इसका फैसला जनता करेगी।
हाल के दिनों में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर दिए गए बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में विवाद गहराया हुआ था। ऐसे में विधायक दलीप रावत की सार्वजनिक माफी को इस विवाद को शांत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
















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