रुद्रप्रयाग में वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। कुल ₹5815.80 लाख के बजट के साथ तैयार की गई इस योजना में आजीविका संवर्धन, पर्यटन विकास, ग्रामीण संपर्क और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस किया गया है। साथ ही योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक छह माह में प्रगति रिपोर्ट कार्ड जारी करने का निर्णय लिया गया है।
मंगलवार को मा० प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री Ganesh Joshi की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला योजना संरचना, परिव्यय निर्धारण और विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी Vishal Mishra के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और बजट प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिला योजना को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जनता दरबार, बहुउद्देशीय शिविरों और आम जनता से प्राप्त सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। इस बार योजना में केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहकर रोजगार सृजन और छोटे लेकिन प्रभावी प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है।
कृषि, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
जिला योजना में कृषि, उद्यान, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और सहकारिता क्षेत्रों के बजट में वृद्धि की गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
इसके तहत ग्राम पंचायतों में फसलों की सुरक्षा के लिए कृषि घेरबाड़, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, बकरी पालन और कुक्कुट पालन यूनिट सहायता जैसी योजनाओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा भेषज विकास से जुड़ी योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
सड़क, पेयजल और बाढ़ सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नई सड़कों, पुल-पुलियों के निर्माण, मार्गों के सुधारीकरण और पुनर्निर्माण के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही बाढ़ नियंत्रण, सुरक्षा कार्यों और जल संरक्षण के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।
नई पेयजल योजनाओं, पुराने सिस्टम के रखरखाव और जीर्णोद्धार के लिए भी अलग से बजट निर्धारित किया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम किया जा सके।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान
विधायक केदारनाथ Asha Nautiyal के प्रस्तावों के आधार पर जनपद के पर्यटन और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं।
योजना के तहत देवरिया ताल और मदमहेश्वर मंदिर पैदल मार्ग के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ चोपता-तुंगनाथ और कार्तिक स्वामी क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, शौचालय निर्माण और पार्किंग सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं। ग्रामीण संपर्क बढ़ाने के लिए गांवों को जोड़ने वाली नई सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव भी रखा गया है।
हर छह महीने में जारी होगा रिपोर्ट कार्ड
बैठक में जिलाधिकारी Vishal Mishra ने जानकारी दी कि इस वर्ष से एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत प्रत्येक विभाग अपनी योजनाओं की छह माह की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इसमें योजनाओं की पूर्व और वर्तमान स्थिति का तुलनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिला योजना का उद्देश्य ऐसी अल्पकालिक और प्रभावी परियोजनाओं को लागू करना है, जिनका लाभ सीधे आम जनता तक जल्द पहुंचे। योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से साझा भी की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी को दी श्रद्धांजलि
बैठक के दौरान उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Bhuvan Chandra Khanduri के निधन पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उप वन संरक्षक रजत सुमन, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राम प्रकाश और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
















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