फल–सब्जियों में कीटनाशकों पर सख्ती: सरकार का बड़ा अभियान, सैंपल जांच शुरू

प्रदेश में फल और सब्जियों में कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल को लेकर सरकार अब सख्त हो गई है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने इस मुद्दे पर बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर में सैंपलिंग और जांच अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कृषि और उद्यान विभाग के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

सैंपल जांच से खुलेंगे सच

विभाग की ओर से विभिन्न जिलों में फल–सब्जियों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा जा रहा है। अब तक आम, केला, पपीता और तरबूज जैसे फलों के 39 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 19 सैंपल कुमाऊं क्षेत्र से हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और तेज किया जाएगा।

किसानों और व्यापारियों को किया जाएगा जागरूक

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त सचिन कुर्वे ने कृषि एवं उद्यान विभाग को पत्र लिखकर किसानों को कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।

पत्र में यह भी बताया गया है कि भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के सर्वेक्षणों में कई खाद्य पदार्थों में निर्धारित सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष पाए गए हैं, जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं।

इसके तहत:

  • किसानों के बीच जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी
  • फल–सब्जी विक्रेताओं और मंडी व्यापारियों को भी प्रशिक्षित किया जाएगा
  • सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से कीटनाशकों के उपयोग पर जोर दिया जाएगा

जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता

खाद्य संरक्षा विभाग के उपायुक्त (मुख्यालय) गणेश कंडवाल ने बताया कि विभाग आयुक्त के निर्देशों के अनुसार लगातार सैंपलिंग कर रहा है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के चलते सख्ती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में इस समय चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन चल रहा है। ऐसे में जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल पर सख्ती के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

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