रुड़की से समाजसेवा की एक सराहनीय पहल सामने आई है। भारत विकास परिषद रुड़की ने आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त कृत्रिम अंग वितरण अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन स्तर को बेहतर करना है।
इस अभियान की घोषणा रुड़की के गौशाला परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान की गई। कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो आर्थिक तंगी के कारण कृत्रिम अंग नहीं लगवा पाते।
परिषद के संरक्षक सचिन गुप्ता ने बताया कि इच्छुक लाभार्थियों को आवेदन के लिए अपनी हाल की फोटो, आधार कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र व्हाट्सएप के माध्यम से भेजना होगा। सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाएंगे।
वहीं परिषद की सचिव निधि शांडिल्य ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि इस जनहितकारी योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रह जाए।
यह पहल समाज के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आ सकती है।













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