देहरादून: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा की शुरुआत होगी, जिसे सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
इसी क्रम में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गढ़वाल मंडल के 7 जिलों में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। यह अभ्यास खासतौर पर उन संभावित आपदाओं से निपटने के लिए किया गया, जो पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सामने आ सकती हैं, जैसे भूस्खलन, अचानक मौसम परिवर्तन या सड़क हादसे।
मॉक ड्रिल में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन और प्रशासनिक टीमों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी एजेंसियों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन का रिहर्सल किया और यह परखा गया कि आपात स्थिति में कितनी तेजी और तालमेल के साथ कार्रवाई की जा सकती है।
इस पूरे अभ्यास की निगरानी आपदा नियंत्रण कक्ष से की गई, जहां विभागीय मंत्री, आपदा प्रबंधन सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीमों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया और जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की मॉक ड्रिल से न केवल तैयारियों की वास्तविक स्थिति सामने आती है, बल्कि आपदा के समय तेजी से और प्रभावी तरीके से राहत कार्य करने की क्षमता भी मजबूत होती है।













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