देहरादून: उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देकर सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने वाले आरोपी को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तकनीकी जांच, साइबर सर्विलांस और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अब आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी करा रही है।
पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने संबंधी धमकी भरे संदेश वायरल हुए थे। इन पोस्टों के सामने आने के बाद आम लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली नगर देहरादून में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों, डिजिटल फुटप्रिंट, साइबर सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। लगातार तकनीकी जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही और 28 जून को उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिससे कथित रूप से धमकी भरी पोस्ट की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय जसप्रीत सिंह, निवासी अंबाला (हरियाणा) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कर्णप्रयाग में स्थानीय युवकों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद तथा उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई से वह नाराज था। सोशल मीडिया पर संबंधित वीडियो और पोस्ट देखने के बाद उसने उत्तराखंड पुलिस को चुनौती देने और लोगों में डर का माहौल बनाने के उद्देश्य से अपनी इंस्टाग्राम आईडी से धमकी भरी टिप्पणी पोस्ट की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने यह हरकत अकेले की या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह, धमकी या भय फैलाने की किसी भी कोशिश को गंभीर अपराध माना जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक, धमकीपूर्ण या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री पोस्ट या साझा करने से बचें। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














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