गणेशपुर टोल प्लाजा के घेराव और धरने की घोषणा से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने एहतियातन रुड़की में किसान नेताओं को उनके कैंप कार्यालय पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों, टोल प्लाजा प्रबंधन और किसान नेताओं के बीच लंबी वार्ता हुई, जिसमें किसानों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन (एकता) और भारतीय किसान यूनियन (टोडा) ने फिलहाल अपना प्रस्तावित आंदोलन और टोल प्लाजा घेराव स्थगित करने का निर्णय लिया।
सुबह प्रस्तावित धरने से पहले यूपी पुलिस ने किसान नेताओं को उनके कैंप कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित तनाव से बचने के लिए यह कदम उठाया।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों और गणेशपुर टोल प्लाजा प्रबंधन ने किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक की। वार्ता के दौरान किसानों ने कहा कि जब तक एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी निर्माणाधीन सड़कें पूरी तरह तैयार नहीं हो जातीं, तब तक वाहन चालकों से पूरा टोल शुल्क वसूलना उचित नहीं है।
बैठक में किसानों ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें अधूरे निर्माण कार्य के दौरान टोल शुल्क में राहत, सभी टोल लेनों का नियमित संचालन, टोल कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार पर रोक तथा टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से छूट देने की मांग प्रमुख रही।
वार्ता के दौरान अधिकारियों और टोल प्रबंधन ने किसानों की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों किसान संगठनों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की।
हालांकि किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे और गणेशपुर टोल प्लाजा पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
















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