देहरादून में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय ने उनके नाम से वायरल हो रहे पत्र को पूरी तरह फर्जी बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पत्र के जरिए उनकी और भारतीय जनता पार्टी की छवि खराब करने की साजिश की जा रही है।
पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद पांडेय ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित पत्र से उनका कोई संबंध नहीं है और ऐसा कोई पत्र उन्होंने प्रधानमंत्री या किसी अन्य को नहीं लिखा है।
उन्होंने कहा कि इस फर्जी पत्र के आधार पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा गोदियाल द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। पांडेय ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत छवि और पार्टी अनुशासन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है, जिसकी वह कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और आरएसएस के स्वयंसेवक हैं तथा संगठन की विचारधारा और अनुशासन के तहत कार्य करते हैं।
इस पूरे मामले पर भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
दीप्ति रावत ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य अपनी पार्टी की आंतरिक गुटबाजी और “सिर फुटौव्वल” से जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस भाजपा की साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि वह इस मामले में जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे, क्योंकि इस तरह की राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
वहीं, अरविंद पांडेय ने कहा कि कांग्रेस भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर इस तरह के निराधार आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम करती है और ऐसे दुष्प्रचार का सख्ती से जवाब दिया जाएगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की संगठन स्तर पर समीक्षा की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई नेतृत्व के निर्देश पर की जाएगी।
इस मौके पर प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत और प्रदेश सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
















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