उत्तराखंड में महिलाओं के अधिकार और सम्मान को लेकर एक अहम कदम उठाया जा रहा है। ऋतु खंडूरी भूषण ने घोषणा की है कि राज्य में एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र आयोजित किया जाएगा। इस सत्र का मुख्य एजेंडा ‘नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार’ रखा गया है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के विधायक अपनी राय रखेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, सत्र बुलाने का प्रस्ताव राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। अनुमति मिलते ही विधानसभा सचिवालय आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देगा।
26 और 27 तारीख को अहम बैठकें
सत्र से पहले 26 तारीख को सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जबकि 27 तारीख को कार्यमंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक होगी। इन बैठकों में सत्र की कार्यवाही और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
महिला आरक्षण पर सियासत तेज
महिला आरक्षण को लेकर ऋतु खंडूरी भूषण ने विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समय सभी दलों ने एकजुटता दिखाई थी, लेकिन अब इसके क्रियान्वयन के वक्त विपक्ष ने नए मुद्दे उठाने शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जाति और धर्म जैसे विषयों को बीच में लाकर महिलाओं के अधिकारों को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जो उचित नहीं है।
महिलाओं को उम्मीद, जल्द मिलेगा हक
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भले ही इस मुद्दे पर कुछ अड़चनें आई हैं, लेकिन देश की महिलाएं निराश नहीं हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा।
उन्होंने कहा, “यह सिर्फ समय की बात है, महिलाएं अपने अधिकार लेकर रहेंगी और समाज में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेंगी।”













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