भारत सरकार की प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) देहरादून द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की और उत्तराखंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (USAC) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य अंतरिक्ष विज्ञान और जियोस्पेशियल तकनीक के क्षेत्र में अकादमिक, वैज्ञानिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है।
MoU पर किनके हस्ताक्षर हुए
यह समझौता IIT रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और USAC के निदेशक प्रो. दुर्गेश पंत द्वारा IIT रुड़की परिसर में हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर सेंटर फॉर स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो. संजय एच. उपाध्याय और डॉ. प्रियदर्शी उपाध्याय भी मौजूद रहे।
किन क्षेत्रों में होगा सहयोग
इस समझौते के तहत दोनों संस्थान तीन प्रमुख क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे:
- अकादमिक और अनुसंधान सहयोग
- एम.टेक और पीएचडी छात्रों का संयुक्त मार्गदर्शन
- सेमिनार, सम्मेलन और कार्यशालाओं का संयुक्त आयोजन
छात्रों और शोधकर्ताओं को मिलेगा लाभ
इस पहल के तहत IIT रुड़की के छात्रों को USAC में इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट और रिसर्च के अवसर मिलेंगे। इससे छात्रों को प्रयोगशालाओं में काम करने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा।
साथ ही, स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों को दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा, जिससे उनके शोध की गुणवत्ता और प्रभाव बढ़ेगा।
इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस
यह साझेदारी विशेष रूप से निम्न क्षेत्रों में संयुक्त शोध और परियोजनाओं को बढ़ावा देगी:
- अंतरिक्ष अनुप्रयोग (Space Applications)
- जियोस्पेशियल तकनीक (Geospatial Technology)
- जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
- आपदा प्रबंधन (Disaster Management)
- प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (Natural Resource Management)
उत्तराखंड में बढ़ेगा तकनीकी नवाचार
दोनों संस्थान मिलकर वैज्ञानिक ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और संसाधनों का आदान-प्रदान करेंगे। यह साझेदारी उत्तराखंड में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देगी और शोध को व्यावहारिक उपयोग में बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।














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