मसूरी: पर्यटन नगरी मसूरी में पिक्चर पैलेस से घंटाघर जाने वाले मार्ग पर नगर पालिका परिषद द्वारा बैरिकेड लगाए जाने के फैसले का स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध किया है। लोगों का कहना है कि यह सड़क पहले से ही काफी संकरी है और यहां अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में बैरिकेड लगाने से समस्या और बढ़ सकती है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि माल रोड पर प्रतिबंधित समय के दौरान वाहनों के प्रवेश पर रोक होने के कारण वे अपनी स्कूटी और मोटरसाइकिल इसी मार्ग पर पार्क करते हैं। अब बैरिकेड लगने से न केवल स्थानीय लोगों बल्कि पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने इस फैसले को “तुगलकी फरमान” बताते हुए कहा कि इससे लोगों में नाराज़गी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि माल रोड पर पहले से ही यातायात का दबाव बना रहता है, जबकि ऐतिहासिक लंढोर बाजार का व्यापार भी प्रभावित हो चुका है। ऐसे में बैरिकेड लगाने से हालात और खराब हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एमडीडीए कार पार्किंग पर पालिका बाजार बनाने का निर्णय कितना उचित है, जबकि मसूरी में पार्किंग की समस्या पहले से ही गंभीर बनी हुई है।
वहीं समाजसेवी प्रकाश राणा ने कहा कि यदि कोई वाहन नो-पार्किंग ज़ोन में खड़ा होता है तो पुलिस कार्रवाई करती है, लेकिन बैरिकेड लगाने से ऐसा लगता है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से नगर पालिका के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।













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