उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित प्रसिद्ध बाबा सिद्धबली धाम और उसके आसपास के क्षेत्रों में गुलदार (तेंदुआ), हाथियों तथा अन्य जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और जंगलों में भोजन की कमी के कारण जंगली जानवर अब तेजी से रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि तेंदुए और हाथी अक्सर गांवों, कस्बों और मंदिर क्षेत्र के आसपास दिखाई दे रहे हैं।
हाल ही में बाबा सिद्धबली धाम के मुख्य मार्ग पर एक व्यक्ति पर गुलदार ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की चिंता और बढ़ गई है। वहीं बीती रात हाथियों के एक झुंड ने मंदिर परिसर के आसपास स्थित कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिसके कारण जंगली जानवर लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरे लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और प्रभावित इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़ी जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल वन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखने की बात कही जा रही है, लेकिन ग्रामीण ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।















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