देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने देहरादून महायोजना-2041 (प्रारूप) पर आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों को एक और अवसर देने का फैसला किया है। जो लोग पहले निर्धारित समय में अपनी आपत्तियां या सुझाव दर्ज नहीं करा सके थे, वे अब 25 जुलाई 2026 से एक सप्ताह तक एमडीडीए कार्यालय में आयोजित विशेष कैंप में अपनी बात रख सकेंगे।
एमडीडीए के अनुसार, 6 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सुनवाई शिविर आयोजित किए गए थे, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों ने महायोजना-2041 के प्रारूप पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। इन सभी सुझावों को रिकॉर्ड किया गया ताकि अंतिम योजना तैयार करते समय जनभावनाओं और स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके।
प्राधिकरण का कहना है कि कई लोग व्यक्तिगत, व्यावसायिक या अन्य कारणों से निर्धारित तिथियों में शिविरों तक नहीं पहुंच सके। इसे देखते हुए एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर 25 जुलाई से एक सप्ताह का विशेष कैंप आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान कोई भी पात्र नागरिक, भू-स्वामी, संस्था या हितधारक सीधे एमडीडीए कार्यालय पहुंचकर लिखित रूप में अपने सुझाव और आपत्तियां जमा कर सकता है।
देहरादून महायोजना-2041 शहर के भविष्य के विकास की आधारभूत योजना है। इसमें आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक क्षेत्र, हरित क्षेत्र, परिवहन व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। एमडीडीए का मानना है कि जनसहभागिता से तैयार की गई योजना ही शहर के संतुलित और टिकाऊ विकास का आधार बन सकती है।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि महायोजना-2041 केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की विकास दृष्टि है। वहीं सचिव मोहन सिंह बर्निया ने नागरिकों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ विशेष कैंप में पहुंचकर समय पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि अंतिम महायोजना अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सके।














Leave a Reply