हिंदी दिवस पर CM धामी का संदेश, बोले- हिंदी हमारी जड़ों, संस्कारों और सांस्कृतिक चेतना की पहचान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सेवक सदन में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिंदी केवल हमारी अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी जड़ों, संस्कारों और सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी पहचान है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी भारत की आत्मा को जोड़ने वाली भाषा है, जिसने देश की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
हिंदी को ज्ञान, विज्ञान और तकनीक से जोड़ने की जरूरत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बदलते समय के साथ हिंदी को ज्ञान, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के नए आयामों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि हिंदी को आधुनिक तकनीक और डिजिटल दुनिया से जोड़ा जाए तो यह वैश्विक मंचों पर और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल हिंदी का संरक्षण नहीं, बल्कि उसे भविष्य की भाषा के रूप में स्थापित करना है, ताकि विश्व के हर मंच पर हिंदी की सशक्त उपस्थिति दर्ज हो सके।
लोकभाषाओं और साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिंदी के साथ-साथ उत्तराखंड की समृद्ध क्षेत्रीय बोलियों, लोकभाषाओं और साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कुमाऊंनी, गढ़वाली, जौनसारी और अन्य लोकभाषाएं प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के साहित्यकारों, लेखकों और रचनाकारों को प्रोत्साहित करने तथा उनके योगदान को सम्मान देने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। साहित्य समाज को दिशा देने का कार्य करता है और भाषा को जीवंत बनाए रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
विद्यार्थियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी मातृभाषा और हिंदी के प्रति सम्मान बनाए रखें तथा ज्ञान और नवाचार के माध्यम से देश और प्रदेश के विकास में योगदान दें।
















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