धाम की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य का संरक्षण जिला प्रशासन की प्राथमिकता
‘कैरी मी बैक’ पॉलिसी से सूखे कूड़े का सुनियोजित निस्तारण
प्रतिवर्ष श्री केदारनाथ धाम में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या, दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों तथा सीमित संसाधनों के बावजूद जिला प्रशासन श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए निरंतर तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देशन में धाम क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के समन्वय से व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में बुधवार को श्री केदारनाथ धाम में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत संपूर्ण मंदिर परिसर, केदारपुरी तथा नदी तट पर विशेष सफाई अभियान संचालित किया गया। इसमें विभिन्न पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों एवं सहयोगी संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए श्रद्धालुओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा ‘ग्रीन एवं क्लीन यात्रा’ का संदेश दिया गया।
जिला प्रशासन द्वारा यात्रा अवधि के दौरान संपूर्ण यात्रा मार्ग से श्री केदारनाथ धाम तक निरंतर व्यापक स्वच्छता एवं जनसुविधा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। यात्रा मार्ग पर 240 से अधिक शौचालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें महिलाओं एवं पुरुषों के लिए लगभग 600 से अधिक शौचालय सीटें उपलब्ध हैं। प्रत्येक शौचालय में दिव्यांगजनों के लिए भी सुलभ सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
धाम एवं यात्रा मार्ग की नियमित सफाई के लिए सुलभ इंटरनेशनल द्वारा 410 पर्यावरण मित्रों तथा 32 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है। वहीं ठोस अपशिष्ट के प्रभावी संग्रहण हेतु यात्रा पैदल मार्ग पर 600 से अधिक डस्टबिन स्थापित किए गए हैं।
श्री केदारनाथ धाम में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सुलभ इंटरनेशनल, नगर पंचायत केदारनाथ, जिला पंचायत एवं बद्री-केदार मंदिर समिति के माध्यम से समन्वित रूप से कार्य किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के जूते-चप्पलों के सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु केदारनाथ मास्टर प्लान के अंतर्गत शू कलेक्शन प्वाइंट एवं शू डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट विकसित किया जाना प्रस्तावित है। वर्तमान में यह व्यवस्था विभिन्न उत्तरदायी संस्थाओं के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिससे धाम परिसर की स्वच्छता एवं सुव्यवस्था बनाए रखने में सहायता मिल रही है।
सोनप्रयाग में स्थापित कम्पैक्टर मशीन के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 3.05 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।
स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देते हुए नगर पंचायत केदारनाथ द्वारा हीलिंग हिमालयाज फाउंडेशन एवं सुलभ इंटरनेशनल के सहयोग से ‘कैरी मी बैक पॉलिसी’ लागू की गई है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत श्रद्धालुओं को लगभग 400 से 500 ग्राम क्षमता वाले बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें वे सूखा कूड़ा एकत्र कर गौरीकुंड तक वापस लेकर आ रहे हैं। इससे धाम क्षेत्र में कूड़े का अनावश्यक संचय नहीं हो रहा है तथा पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं पर्यावरण-अनुकूल यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना भी है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग एवं संस्थाएं समन्वित रूप से कार्य करते हुए श्री केदारनाथ धाम की गरिमा, पवित्रता एवं प्राकृतिक सौंदर्य को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।













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