तीर्थनगरी ऋषिकेश में अवैध गैस रिफिलिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मामले का खुलासा किया है। बनखण्डी क्षेत्र में गैस सप्लाई वाहन के अंदर अवैध रूप से रिफिलिंग किए जाने की पुष्टि होने के बाद वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही संबंधित गैस एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई की वजह
यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक कर्मचारी वाहन के भीतर गैस सिलेंडर की अवैध रिफिलिंग करता दिखाई दिया। वीडियो का संज्ञान लेते हुए पूर्ति विभाग ने तुरंत जांच शुरू की।
जांच में एजेंसी की भूमिका संदिग्ध
जांच के दौरान पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने पाया कि संबंधित वाहन ऋषिकेश की मैसर्स अंकुर गैस एजेंसी, प्रगति विहार से जुड़ा हुआ है। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं:
- चालक योगेन्द्र कुमार और सहयोगी आशीष के पास कोई वैध नियुक्ति दस्तावेज नहीं थे
- एजेंसी के रिकॉर्ड अधूरे और संदिग्ध पाए गए
- दावा किया गया कि दोनों कर्मचारियों को हटाया जा चुका है, लेकिन घटना के बाद भी उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराए गए
इन तथ्यों के आधार पर एजेंसी की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पूर्ति विभाग की शिकायत पर ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने वाहन स्वामी और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस की अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सख्ती जारी रहेगी
अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में भी इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अभियान चलाया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे।













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