रुड़की के मंगलौर विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे टांडा भनेड़ा बाईपास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस निर्माण कार्य पर अब स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
ग्रामीणों ने लक्सर लोक निर्माण विभाग (PWD) के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बाईपास निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है।
“पहली बारिश में ही टूट जाएगी सड़क”
ग्रामीणों का कहना है कि जिस गुणवत्ता से सड़क बनाई जा रही है, वह टिकाऊ नहीं है। उनका दावा है कि बाईपास पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि स्थानीय लोगों को फिर से खराब सड़क की समस्या झेलनी पड़ेगी।
जवाबदेही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि सड़क खराब होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उनका कहना है कि न तो कोई अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि इस पर जवाब देने को तैयार है।
लंबे इंतजार के बाद भी अधूरी उम्मीदें
टांडा भनेड़ा बाईपास क्षेत्र के लोगों के लिए एक अहम परियोजना है, जिससे यातायात सुगम होने की उम्मीद थी। लेकिन अब निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने से लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए।














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