रुड़की से लापता हुआ 14 वर्षीय किशोर आखिरकार सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब पता चला कि बच्चा किसी डर या दबाव में नहीं, बल्कि क्रिकेटर बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए घर से निकला था।
“ऑपरेशन स्माइल” के तहत मिली सफलता
गंगनहर कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 26 मार्च को लापता हुए इस बालक को पुलिस ने “ऑपरेशन स्माइल” के तहत नई दिल्ली से सकुशल बरामद किया।
कई राज्यों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
बालक के लापता होने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया था और तुरंत गुमशुदगी दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार टीमें गठित कीं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अमृतसर तक सर्च अभियान चलाया।
पुलिस ने CCTV फुटेज, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, शेल्टर होम और सोशल मीडिया की मदद से लगातार तलाश जारी रखी। आखिरकार टीम को सफलता मिली और बालक को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया।
क्रिकेट के सपने ने कराई लंबी यात्रा
पूछताछ में बालक ने बताया कि वह क्रिकेट खेलने का सपना लेकर घर से निकला था। इस दौरान वह मथुरा, वृंदावन, अमृतसर और राजस्थान तक घूम आया।
गनीमत रही कि पूरे सफर के दौरान उसके साथ कोई अनहोनी नहीं हुई।
परिजनों ने ली राहत की सांस
पुलिस ने बालक को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बच्चे के मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
सीख देने वाली घटना
यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि बच्चों के सपनों को समझना और उनसे संवाद बनाए रखना कितना जरूरी है, ताकि वे गलत दिशा में जाने से बच सकें।












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