रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल:
वर्षों से कार्यरत उपनल (UPNL) संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण में देरी पर नैनीताल स्थित हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य के कार्मिक सचिव को 20 अप्रैल को वर्चुअल माध्यम से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे दैनिक श्रमिकों को, न्यायालय के पूर्व आदेशों के बावजूद, अभी तक नियमित नहीं किया गया है। इस मामले में प्रगति न होने पर कोर्ट ने जवाब तलब किया है।
न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न होना गंभीर विषय है। कोर्ट ने राज्य सरकार से इस पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
सूत्रों के अनुसार, संविदा कर्मचारी संघ की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत में बताया कि पहले खंडपीठ ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर आदेश जारी किया था। इसके बावजूद अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और न ही इस संबंध में अदालत को अवगत कराया गया।
अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी, जिसमें कार्मिक सचिव को वर्चुअल माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। यह मामला हजारों उपनल कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हैं।












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