बढ़ती भीड़, घटती गैस सप्लाई
पर्यटन नगरी ऋषिकेश में इन दिनों पर्यटकों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय को मुश्किल में डाल दिया है।
व्यवसायियों का कहना है कि बढ़ती मांग के मुकाबले गैस की सप्लाई बेहद कम है, जिससे रोजमर्रा का संचालन प्रभावित हो रहा है।
वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता
गैस की कमी के चलते होटल संचालक अब मजबूरी में दूसरे विकल्प अपना रहे हैं:
- इलेक्ट्रिक चूल्हों पर खाना बनाना
- लकड़ी के चूल्हों का उपयोग
- सीमित मेन्यू के साथ काम चलाना
हालांकि ये विकल्प महंगे और समय लेने वाले साबित हो रहे हैं।
लागत बढ़ी, मुनाफा घटा
गैस संकट का सीधा असर होटल व्यवसाय की लागत पर पड़ा है:
- बिजली बिल में तेजी से बढ़ोतरी
- लकड़ी की कीमतों में उछाल
- कमर्शियल सिलेंडर महंगे और कम उपलब्ध
इसी वजह से कई होटल संचालक खाने की कीमतें बढ़ाने या सेवाएं सीमित करने पर विचार कर रहे हैं।
यात्रा सीजन से पहले बढ़ी टेंशन
आने वाले दिनों में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है।
हर साल लाखों श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचते हैं, ऐसे में:
भोजन व्यवस्था कैसे होगी, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर की कमी
- कमर्शियल गैस का कोटा सीमित
- समय पर सप्लाई नहीं मिल रही
- बुकिंग के बाद भी इंतजार करना पड़ रहा
कारोबारियों का कहना है कि यदि यही हाल रहा, तो यात्रा सीजन में व्यवस्था संभालना मुश्किल हो जाएगा।
सरकार से क्या मांग?
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने प्रशासन से अपील की है:
- यात्रा सीजन के लिए विशेष गैस कोटा जारी किया जाए
- कमर्शियल सिलेंडर की नियमित सप्लाई सुनिश्चित हो
- छोटे कारोबारियों को प्राथमिकता दी जाए













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